Saturday, 13 February 2016

पार्कों की बढ़ती महत्ता


जो पार्क हमेशा खाली रहते थे आजकल उनमे सुबह शाम को काफी भीड़ रहती है।लोगों को पार्क का महत्व समझ आने लगा है।आज से ग्यारह साल पहले जो पार्क ख़ाली रहते थे आज उनमे सुबह शाम रौनक रहती है।जिस पार्क में पहले भैंस और गाय जैसे जानवर घास खाते नज़र आते थे, आज वहाँ छोटे बच्चे खेलते नज़र आते हैं।पार्क में सुबह सुबह लोग भागते और योग करते नज़र आते हैं।जहाँ बुजुर्ग लोग धीरे धीरे योग करते नज़र आते हैं, वहीं नोजवान लोग भागते हुए जॉगिंग करते हुए दिख जाते हैं।शाम को बुज़ुर्ग औरतें भजन गाती हैं।यह उनका मनपसंद काम है।गाँव की औरतों को देखना बहुत अच्छा लगता है।वो सिर को ढक कर आती हैं और बहुत ही जोश मे सैर करती हैं।अगर उनका कोई बुजुर्ग मिल जाए तो वो मुंह ढक लेती हैँ।तो मेरा मानना है कि अब लोग अपनी सेहत को लेकर बहुत जागरूक हैं।

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